हिमाचल: महिला एवं बाल विकास विभाग ने जारी किए आदेश, अब 2 मार्च से आंगनबाड़ी केंद्रों  में आएंगे बच्चे…..

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शिमला : पहाड़ी खेती, समाचार ( 22, फरवरी ) हिमाचल प्रदेश में लगभग 2 साल बाद दो मार्च से 18 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों  में छोटे बच्चे आना शुरू हो जाएंगे। यहां पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने कोविड नियमों  के तहत केंद्रों को खोलने का फैसला लिया है।

ऐसे में दो मार्च से आंगनबाड़ी केंद्रों में भोजन बनाने सहित अन्य गतिविधियां शुरू हो जाएंगी। हालांकि महिला एवं बाल विकास की निदेशक ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। बता दें कि मार्च 2020 में हिमाचल प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने पर हिमाचल सरकार  ने आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद कर दिया था।

दरअसल,महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक राखिल काहलो ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए बनाए गए नियमों के तहत ही केंद्रों को खोला जाएगा। वहीं,कार्यकर्ताओं और सहायकों को वैक्सीन की दोनों डोज लगा दी गई हैं। फिलहाल आंगनबाड़ी केंद्रों में सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा। केंद्रों को रोजाना सैनिटाइज भी किया जाएगा। इसके अलावा भोजन बनाने के लिए सभी कोरोना गाइडलाइन (Corona Guideline) के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करवाया जाएगा। गौरतलब है कि हिमाचल सरकार ने बीते 17 फरवरी से प्रदेश में विद्यार्थियों के लिए सभी शिक्षण संस्थानों को खोल दिया है।

हिमाचल में होगी चार हजार प्री प्राइमरी शिक्षकों की तैनाती

बता दें कि बीते महीने हिमाचल सरकार के अनुसार प्रदेश के स्कूलों में 4 हजार प्री प्राइमरी शिक्षकों की तैनाती होगी। इसके लिए नियम तय कर दिए गए हैं। वहीं,मंगलवार को शिमला स्थित राज्य सचिवालय में आयोजित बैठक में शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो प्रस्ताव तैयार किया है उसे विधि विभाग की कानूनी मुहर लगाएं। उसके बाद इसे कैबिनेट में लाया जाए। ऐसे में शिक्षा विभाग ने जो प्रस्ताव तैयार किया है उसके तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित नर्सरी टीचर ट्रेनिंग और अर्ली चाइल्ड हुड केयर का कोर्स करने वालों को भर्ती में मौका दिया जाएगा।

शिक्षकों के 70 फीसद पद NTT और 30 फीसद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से भरने की योजना

गौरतलब है कि हिमाचल सरकार ने शिक्षकों के 70 फीसद पद एनटीटी और अर्ली चाइल्ड हुड केयर कोर्स और 30 फीसद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से भरने की योजना है। हालांकि कैबिनेट इसमें बदलाव कर सकती है। भर्ती के लिए केंद्र सरकार ने पिछले साल बजट जारी किया था, लेकिन अभी तक भर्ती नहीं हुई है। ऐसे में केंद्र के साथ होने वाली समग्र शिक्षा अभियान (एसएसए) की प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की बैठक में यह मामला उठेगा, इससे पहले विभाग इस पर कार्रवाई करना चाहता है।

साभार: TV 9 भारतवर्ष, सोशल मीडिया नेटवर्क।

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